Ghar / Paath
पाठ
Paath
चालीसा, स्तोत्र, दोहा और स्तुति। नित्य पाठ के अमर शब्द।
बजरंग बाण : सम्पूर्ण पाठ, अर्थ सहित
संकट, भय और विपत्ति के समय का अचूक कवच। श्री बजरंग बाण का सम्पूर्ण पाठ, हर चरण के सरल अर्थ सहित। निश्चय प्रेम और प्रतीति से किया गया पाठ सीधा हनुमान जी के हृदय तक पहुँचता है।
हर दिन तीन बार इसका पाठ – लोक और परलोक में मंगल निश्चित
महाप्रभु श्री हरिवंशचंद्र जू द्वारा कही गई फलस्तुति वाला यह दिव्य श्रीयमुनाष्टकम्। जो इसे प्रतिदिन तीन बार आदरपूर्वक गाता है, वह राधावल्लभ लाल की प्रेम-लक्षणा भक्ति को इसी लोक में प्राप्त करता है।
हनुमान चालीसा : केवल पाठ
हनुमान चालीसा का शुद्ध पाठ, दो दोहे और चालीस चौपाइयाँ। बिना अर्थ-भाव के, केवल नित्य पाठ के लिए। अर्थ सहित पढ़ना हो तो हमारा अर्थ-सहित संस्करण देखें।
हनुमान चालीसा : अर्थ और भाव सहित
गोस्वामी तुलसीदास जी ने यह चालीस चौपाइयाँ किसी महल में नहीं, एक कारागार की कोठरी में लिखी थीं। चालीस दिन, चालीस चौपाइयाँ, सम्पूर्ण अर्थ एवं भाव सहित।
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