॥ श्री सीता राम हनुमान ॥
एक उपासक
Har bhakt ke liye spiritual gyaan, bhakt-charitra, sant-charitra, bhagwan-leela, bhajan aur naam-jaap ki amrit-dhaara. Seva bhaav se, sabke liye.
— Pran Pyare Shri Hit Govind Sharan Ji Maharaj
“श्री हित हरिवंश महाप्रभु की वाणी ही हमारा मार्ग है।”
Hit chaurasi aur ras-grantha hi rasik jeevan ke prakash-stambh hain.
Aaj ka Shlok
आज का श्लोक
मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः।
Man hi manushya ke bandhan aur mukti ka karan hai.
Amritabindu Upanishad — 2
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ज्ञान के द्वार
Chune apna marg, har vibhaag mein amrit bhar hai
भक्त चरित्र
Bhakt Charitra
महान भक्तों की जीवन-गाथाएँ, जिनके प्रेम ने प्रभु को भी पास खींच लिया।
संत चरित्र
Sant Charitra
महान संतों का जीवन, जिन्होंने ज्ञान और प्रेम से जगत को प्रकाशित किया।
भगवान चरित्र
Bhagwan Charitra
प्रभु की दिव्य लीलाएँ और चरित्र। राम, कृष्ण, शिव, हनुमान, देवी।
कथाएं
Kathayein
पौराणिक कथाएँ, सत्संग-सार और परम्परागत कहानियाँ।
पाठ
Paath
चालीसा, स्तोत्र, दोहा और स्तुति। नित्य पाठ के अमर शब्द।
भजन व कीर्तन
Bhajan & Keertan
प्रभु के गुणगान। भजन सुनें, बोल पढ़ें, अर्थ समझें।
नाम जाप
Naam Jaap
नाम-जप की विधि, महत्त्व और अनुभव। सबसे सरल साधन।
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Kuch aise lekh jo mann ko chhoo lenge
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हनुमान चालीसा की कथा : तुलसीदास जी ने इसे क्यों और कैसे लिखा
मुगल सम्राट अकबर ने तुलसीदास जी को कारागार में बंद कर दिया। उसी अँधेरी कोठरी में, चालीस दिनों तक हनुमान जी का आह्वान करते हुए, चालीस चौपाइयाँ रची गईं, हनुमान चालीसा।
हनुमान चालीसा : केवल पाठ
हनुमान चालीसा का शुद्ध पाठ, दो दोहे और चालीस चौपाइयाँ। बिना अर्थ-भाव के, केवल नित्य पाठ के लिए। अर्थ सहित पढ़ना हो तो हमारा अर्थ-सहित संस्करण देखें।
हनुमान चालीसा : अर्थ और भाव सहित
गोस्वामी तुलसीदास जी ने यह चालीस चौपाइयाँ किसी महल में नहीं, एक कारागार की कोठरी में लिखी थीं। चालीस दिन, चालीस चौपाइयाँ, सम्पूर्ण अर्थ एवं भाव सहित।
सीता राम हनुमान
कलियुग केवल नाम अधारा।
सुमिरि सुमिरि नर उतरहिं पारा॥
Kalyug mein keval Prabhu ka naam hi sahara hai —
naam ka sumiran karte-karte hi bhavsagar paar ho jaata hai.
— Goswami Tulsidas Ji
॥ जय सिया राम जय हनुमान ॥